Importance of social work in ourlivings समाजकार्य का आत्म जीवन में महत्व।

समाजकार्य ऐसी प्रक्रिया है ,जिसके माध्यम से कई संगठन, समूह,व्यक्ति विशेष व अन्य मिलकर गरीब व असहाय लोगो को समाज की मुख्य धारा के प्रवाह से जोड़ते है।
ऐसी स्तिथियों में व्यक्ति का यह कर्तव्य बन जाता है कि वह अपने आस-पास,पड़ोस तथा उन सभी का चाहे वह किसी धर्म ,वर्ग,सम्प्रदाय के हो उन सभी को बिना किसी भेदभाव के एक समान रूप से देखना सच्चे सामाजिक सेवक/कार्यकर्ता की पहचान होती है।
सामाजिक कार्य का यह बिल्कुल मतलब नही कि सिर्फ और सिर्फ धन अर्जित करना। अपित यह एक मानवतावाद कार्य प्रणाली है।जो कि विभिन्न वर्ग,धर्म,के लोगो को सामंजस का पाठ पढ़ाती है।जिससे लोग एक दूसरे के साथ उनके सुख-दुख में कंधो से कंधा मिलाकर चलते है
       ऐसे कार्यो से व्यक्ति के आत्म जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है।और आने वाला युग भविष्य इसका अनुशरण करता है तह अपने व्यवहार में इस जीवन आदर्श को लाता है।तथा एक जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभाता है।
सामाजिक कार्य मे अपना योगदान देने से असहायों व्यक्तियों के साथ-साथ,आत्म जीवन व आने वाले भविष्य पर प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ता है।

समाजकार्य कार्य एक ऐसा स्वरूप है जिसे हर धर्म,संविधान,कानून व सरकार कार्य करने के लिए,अनुशरण के लिए, व लोगो को उस योग्य बनाने के लिये प्रोत्साहित कर अनुमति प्रदान करता है।
                            प्रमोद कुमार पाण्डेय
                            सामाजिक कार्यकर्ता
                           उत्तर प्रदेश- जिला बस्ती।

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